Appendicitis In Hindi Homeopathic Dawa

Appendicitis In Hindi पेट में दाहिनी तरफ नीचे की तरफ जहां छोटी और बड़ी आँते मिलती है, वहां “अपेंडिक्स नाम” का एक अंग है। जिसमे कभी “अपेंडिक्स” में सूजन हो जाने पर  उसे “अपेंडिसाइटिस” कहा जाता हैं।

Appendicitis In Hindi Homeopathic Dawa 

“अपेंडिक्स” में सूजन हो जाने पर वहां बहुत तेज दर्द होता है क्योंकि उस जगह को छूने नहीं देता है तेज बुखार आ जाता है और उल्टियां होती है, पेशाब करने में परेशानी होना। Appendicitis In Hindi Homeopathic Dawa

Appendicitis In Hindi Homeopathic Dawa  अपेंडिसाइटिस (Appendicities) तो पूर्ण रूप से ठीक करने की होम्योपैथिक दवा  

अपेंडिसाइटिस (Appendicitis) की होम्योपैथिक दवाइयां – Appendicitis In Hindi

लक्षणों के आधार पर होम्योपैथी दवा दिए जाने पर यह बीमारी ठीक हो जाती है लेकिन अगर ठीक ना हो और ऐसा लगे कि बीमारी खतरनाक बनने लगी है तो किसी अच्छे “सर्जन” के पास जाकर ऑपरेशन करा लेना चाहिए। तो चलिए जान लेते है कैसे आप होम्योपैथी की सहायता से “अपेंडिक्स” की बीमारी को जड़ से खत्म कर सकते हैं। Appendicitis In Hindi

 

1- आईरिस टेनक्स (Iris Tenux) 6, 30 –

Appendicitis In Hindi

a- यह इस बीमारी की प्रधान दवा है।

b- “अपेंडिसाइटिस” का इलाज इस दवा से शुरू होना चाहिए।

c- “अपेंडिक्स” की जगह पर जोर का दर्द होता है, रोगी दर्द वाली जगह को छूने नहीं देता है।

d- रोगीपेर नहीं फैला सकता है उससे उससे बहुत दर्द होता है।

e- उसे पित्त की उल्टियां भी हो सकती है कब्जियत (Constipation) भी हो सकता है।Appendicitis In Hindi

 

दवाई कैसे ले –

आईरिस टेनक्स की 6 या 30 शक्ति हर दो घण्टे में 3 बार ले।

 

2- बेलाडोना (Belladonna) 200 –

a- बेलाडोना भी “अपेंडिसाइटिस” की शुरुआत में उपयोगी दवा है। इसके लक्षण भी वही है जो आयरिश टेनक्स के हैं। आईरिस टेनक्स से लाभ ना होने पर इसे दिया जाता है। 

b- इसमे “अपेंडिक्स” की जगह पर तेज दर्द होता है। रोगी उस जगह को छूने नहीं देता है। यहां तक कि बिस्तर की चादर भी छू जाने पर दर्द बढ़ता है।

c-  हिलने ढूंढने से भी दर्द बढ़ता है।

d- रोगी की पीठ के बल बिना हिले-डुले लेटे रहना चाहता है। 

e- रोगी को तेज बुखार भी आ सकता है। कभी-कभी सिर दर्द भी रहता है जरा से झटके हिलने-डुलने से बढ़ता है।  कभी-कभी उल्टियां भी होती है। रोगी निंदासा सा रहता है लेकिन सो नहीं पाता है।

 

दवाई कैसे ले-

बेलाडोना हर 15 से 20 मिनट से इस दवा को ले अराम पड़ना शुरू हो जाने पर दिन में तीन बार ले।

 

3- बॉयोनिया (Bryonia) 200 –

a- “अपेंडिस” की जगह को रोगी छूने नहीं देता है।

b- सुई चुभने जैसा दर्द होता है जो जरा भी हिलने डुलने पर बढ़ जाता है।

c- दर्द वाली जगह को दबाकर लेटने से दर्द में आराम मिलता है।

 d- रोगी अपनी टांगों को सिकोड़कर चुपचाप लेटा रहता चाहता है जिससे उसकी मांसपेशियां ढीली पड़ जाए और उसे दर्द में आराम मिल जाए।

e- तेज प्यास रहती है रोगी देर देर से लेकिन ज्यादा मात्रा में गिलास भर पानी पीता है।

f- रोगी को कब्ज रहती है और पखाना सूखा और कड़ा रहता है जैसे जला हुआ हो। तेज तेज बुखार भी हो सकता है।Appendicitis In Hindi

 

दवाई कैसे ले –

बॉयोनिया की 30 शक्ति हर दो घण्टे में 3 बार ले।

 

4- मर्क सोल (Merc Sol) 30 – 

a- “अपेंडिसाइटिस” वाली जगह गर्म और सूजी हुई रहती है। दर्द रहता है, जिसकी वजह से रोगी टांग सीधी नहीं कर पाता है।

b- “अपेंडिक्स” की जगह पर नरम गाँठ सी दिखाई देती है।

c- रोगी को बहुत ज्यादा पसीना आता है लेकिन उसे तकलीफ में कोई आराम नहीं मिलता है।

d- रात में तकलीफ ज्यादा रहती है मुंह तर रहता है फिर भी काफी प्यास रहती है।

 

दवाई कैसे ले –

मर्क सोल की 30 शक्ति हर दो घण्टे में 3 बार ले।

 

5- लैकेसिस (Lachesis) 30, 200 –

a- पेट गर्म रहता है दर्द वाली जगह पर मामूली सा स्पर्श भी सह नहीं सकता है।

b-  दाहिने तलपेट में टिस मारने जैसा दर्द होता है जो जांघ तक जाता है रोगी पीठ के बल और टांगे सिकोड़ कर सोता है। शरीर में गर्मी की झले उठती है।Appendicitis In Hindi

 

दवाई कैसे ले –

लैकेसिस की 30 या 200 शक्ति हर दो घण्टे में 3 बार ले।Appendicitis In Hindi

 

6- रक्स टॉक्स (Rux Tox) 30, 200 –

a- “अपेंडिक्स” की जगह पर सूजन होती है और तेज दर्द रहता है। दर्द की वजह से होगी झुक कर चलता है। 

b- बाई तरफ करवट लेटने से दर्द बढ़ता है रोगी बेचैन रहता है बार-बार करवटें बदलता रहता है।

 

दवाई कैसे ले –

रक्स टॉक्स की 30 या 200 शक्ति हर दो घण्टे में 3 बार ले।

 

7- आर्सेनिक एलबम (Arsenic Album) 30 –

a- जब रोग में सड़न के संकेत मिले तब आर्सेनिक एल्बम दिया जाना चाहिए।

b- रोग वाली जगह पर जलन होती है जिससे गर्म से आराम मिलता है रोगी को ठंड लगती है। उल्टियां होती है। दस्त आते हैं। प्यास लगती रहती है, थोड़ी थोड़ी देर में एक दो घूंट पानी पीता है। रोगी बेहद बेचैन रहता है।Appendicitis In Hindi

 

दवाई कैसे ले –

आर्सेनिक एलबम की 30 शक्ति हर दो घण्टे में 3 बार ले।

 

8- कॉलोसिंथेसिसि (Colesynthesis)

 30, 200 –

a- कटन वाले मरोड़ या ऐठन वाले दर्द में उपयोगी है।

b- दर् में आगे की तरफ झुकने जोर से दवाए रखने या पेट के बाद लेटने से आराम मिलता है।

 

दवाई कैसे ले –

कोलोसिंथेसिसि की 30 या 200 शक्ति हर दो घण्टे में 3 बार ले।

 

9- हैपर सल्फ (Hepar Sulph) 30, 200 –

a- यह दवा उस समय लाभदायक सिद्ध होती है जब “अपेंडिक्स” में पीप पड़ने की संभावना हो।

b- रोगी दर्द वाली जगह को छूने नहीं देता है। कांटा चुभने जैसा दर्द होता है। बेलाडोना के बाद इस दवा को दिया जाता है।

 

दवाई कैसे ले –

हैपर सल्फ की 6 या 30 शक्ति हर दो घण्टे में 3 बार ले।Appendicitis In Hindi

 

अपेंडिसाइटिस की बायोकेमिक दवाइयां – Appendicitis In Hindi Homeopathic Dawa

Appendicitis In Hindi

1- फेरम फोस्फोरिकम (Ferum phosphoricum) 6x, 12x –

यह दवा बीमारी की पहली अवस्था में लाभदायक है रोगी को तेज बुखार रहता है। चेहरा और आंखें लाल रहती है।  “अपेंडिक्स” वाली जगह गर्म और लाल रहती है। रोगी उस जगह को छूने नहीं देता है।

 

दवाई कैसे ले –

फेरम फोस्फोरिकम की 6 या 30 शक्ति हर दो घण्टे में 3 बार ले

 

2- कलियम मुरियाटिकम (Kalium Muriaticum) 3x, 6x, 12x –

बीमारी की दूसरी अवस्था में यह दवा लाभदायक है। जब “अपेंडिक्स” वाली जगह पर सूजन हो ओर साथ में बुखार हो।

 

दवाई कैसे ले –

फेरम फोस ओर कलियम मुरियाटिकम हर एक घंटे से अदल-बदल कर ले, लेकिन अगर बुखार नही हो तो कलियम मुरियाटिकम दिन में तीन बार ले।

 

3- मैग्नेशियम फोस्फोरिकम (Magnesium Phosphoricum) 3x, 6x –

पेट ढोल की तरह फूला हो, नाभी की दाहिनी तरफ मरोड़ वाला दर्द हो और दर्द में गर्म सेक से आराम मिलता हो।

 

दवाई कैसे ले –

कलियम मुरियाटिकम ओर मैग्नेशियम फोस्फोरिकम हर एक घंटे से अदल-बदलकर दे।

 

4- साइलेसिया (Silicea) 12x, 30x –

जब “अपेंडिक्स” में पीप पड़ने का डर हो रहा हो तो यह दवाई उपयोगी है।

 

दवाई कैसे ले –

साइलेसिया की 6 या 30 शक्ति हर दो घण्टे में 3 बार ले।Appendicitis In Hindi

 

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