Kali Khansi Ka Ilaj – काली खाँसी/कुत्ता खाँसी

kali khansi ka ilaj काली खाँसी/कुत्ता खाँसी (Whooping cough/ baking cough) 

Kali Khansi Ka Ilaj यह एक छूत की बीमारी है जो दस साल तक के बच्चों को होती है। एक बच्चे को होने पर उसके करीब आने वाले दूसरे बच्चों को भी हो जाती है। इसे “कुत्ता खाँसी” या “कुकुर खाँसी” भी कहते है। यह bordetella pertussis नाम के किसानों की वजह से होती है इसलिए इसे पढ़ “पट्यूर्सिस” भी कहा जाता है।Kali Khansi Ka Ilaj

यह खाँसी बड़ी खतरनाक होती है। खाँसते-खाँसते बच्चे की सांस रुकने लगती है। उसे देख ऐसा लगता है कि यह अब बचने वाला नहीं है सांस अंदर लेते समय “हूप” की आवाज निकलती है। इसलिए इसे “whooping cough” कहा जाता है।

खाँसते वक्त कुत्ता भोकने जैसी ‘भो’ ‘भो’ की आवाज निकलती है इसलिए इसे “Barking cough” भी कहते हैं। खाँसते-खाँसते बच्चे का रंग काला-नीला हो जाता है इसलिए इसे “काली खाँसी” कहते हैं।

यह खाँसी तीन से चार हफ्तों से लेकर छह से सात हफ्तों तक रहा करती है। लेकिन अगर इसका होम्योपैथिक दवाइयों से इलाज किया गया तो आठ से दस दिनों में ही ठीक हो जाती है।

सही इलाज ना होने पर दमा, ब्रोंकाइटिस, ब्रांकोन्यूमोनिया जैसी बड़ी बीमारियां हो जाती है। रोगी बच्चे को दूसरे बच्चों से अलग रखना चाहिए। होम्योपैथिक दवाइयों से इलाज किए जाने पर यह बहुत ही कम समय में ठीक हो जाती है और तकलीफ भी कम रहती है।Kali Khansi Ka Ilaj

 

Kali Khansi Ka Ilaj काली खांसी/कुत्ता खांसी (Whooping cough/Barking cough) की होम्योपैथिक दवाइयां –

Kali Khansi Ka Ilaj दोस्तो, होम्योपैथिक दवाइयों का चुनाव आप उनके लक्षणों के आधार पर करके ही होम्योपैथिक दवाइयों का सेवन कर सकते हैं।

1- एकोनाइट (Aconite) 200 –

सुखी ठंडी हवा लगकर होने वाली खांसी में इसकी जरूरत होती है। यह दवा सिर्फ काली खाँसी की शुरुआत में ही दी जाती है। बच्चा सांस लेने के लिए हफ्ता हुआ अचानक ही नींद से उठ जाता है। सुखी खाँसी, जो कुत्ते के भौंकने जैसी (Barking) होती है बलगम बिल्कुल नहीं होता है। बच्चा बहुत बेचैन रहता है। इधर-उधर करवटें बदलता रहता है साथ में तेज बुखार होता है।Kali Khansi Ka Ilaj

 

दवाई कैसे ले –

एकोनाइट की 200 शक्ति हर दो घंटे से ले।Kali Khansi Ka Ilaj

 

2- बेलाडोना (Belladonna) 30, 200 –

यह दवा भी काली खांसी की सिर्फ शुरुआत में ही लाभ पहुंचाती है। अचानक सुखी खाँसी के तेज दौरे पड़ते हैं। खाँसते वक्त कुत्ता भौकने जैसी आवाजें आती है। खाँसी से पहले बच्चे रोता है। खाँसते वक्त बच्चे का चेहरा लाल पड़ जाता है। बलराम कम और चिपचिपा होता है।Kali Khansi Ka Ilaj

 

दवाई कैसे ले –

बेलाडोना (Belladonna) की 30 या 200 शक्ति दिन में तीन से चार बार ले।

 

3- पेरटुस्सीन (Pertussin) 6, 30 – 

“डॉक्टर जॉन क्लार्क” ने इस दवा को “काली खासी” के लिए ही तैयार किया था। इस दवा से डॉक्टर क्लार्क और कई और डॉक्टरों ने काली खाँसी के कई रोगी सिर्फ 2 हफ्ते के अंदर ही पूरी तरह से ठीक किए हैं। इसी बीमारी का समय घट जाता है।Kali Khansi Ka Ilaj

 

4- ड्रोसेरा (Drosera) 2x, 30 –

Kali Khansi Ka Ilaj डॉ हैनिमैन के अनुसार यह काली खाँसी की प्रमुख दवा है। खसरा (Measles) के समय या उसके बाद की काली खांसी में यह दवा बहुत ही उपयोगी पाई गई है। खांसी भोकने जैसी और घुटनवाली (Stuffocative) होती है। बच्चे को खांसी के दौरे पड़ते हैं। कुत्ता भोकने जैसी आवाजें आती हैं।

यह दौरे इतनी तेजी से आते हैं कि बच्चा ठीक तरह से सांस भी नहीं ले पाता है खांसी से रात में और ले भी आधी रात के बाद पाता है। खांसी सिर्फ दिन में नहीं होती है रात में तकिए पर सिर रखते ही खांसी आने लगती है। खांसी इतनी जोरदार होती है कि बच्चा खाँसते-खाँसते काला नीला पड़ जाता है, पसीने से भीग जाता है और उसे देखकर ऐसा लगता है कि वह अब बच नहीं पाएगा।

खाँसते वक्त बच्चा अपने पेट के ऊपरी हिस्से को दोनों हाथों से पकड़े रहता है। पीले रंग का बलगम निकलता है। कभी कभी मुंह और नाक से खून गिरता है, या उपकिया आती है और गहरी, कर्कश हो जाती है।Kali Khansi Ka Ilaj

 

दवाई कैसे ले-

डॉ हैनिमैन ने 30 शक्ति की सिर्फ एक खुराक देने की सलाह दी है, लेकिन कुछ डॉक्टर 2x या 3 शक्ति में खाँसी ठीक हो जाने तक दिन में दो बार देने की सलाह देते हैं।

 

5- स्पोंजिया (Spongia) 30 –

स्पोंजिया काली खांसी की एक महत्वपूर्ण दवा है। खाँसी सूखी होती है। कुत्ता भौंकने जैसी या आरे से लकडा चीरने जैसी, सांय-सांय की आवाजें आती हैं।  बलगम बहुत थोड़ा निकलता है। आधी रात से पहले खांसी ज्यादा रहती है खांसी इतनी तेज होती है कि बच्चे का दम घुटा हुआ सा लगता है। कुछ खाने या गर्म चीज पीने से खांसी कम होती है।Kali Khansi Ka Ilaj

 

दवाई कैसे लें –

स्पोंजिया की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

6- कार्बो-वेज (Carbo Veg) 30 –

काली खांसी की शुरुआत में ही यह दवा लाभदायक है। बच्चे की छाती बलगम से भरी रहती है। जिसकी वजह से छाती में घड़घड़ाहट होती है। खाँसते-खाँसते बच्चे का चेहरा लाल हो जाता है। खांसी की वजह से बच्चा सांस नहीं ले पाता और पसीने से भीग जाता है। रात भर बच्चे को खांसी के दौरे पड़ते हैं हरापन लिए पीला, बदबूदार बलगम निकलता है।Kali Khansi Ka Ilaj

 

दवाई कैसे ले –

कार्बो-वेज की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

7- ऐंटिम टार्ट (Antim Tart) 30 –

छाती बलगम से भरी रहती है। खाँसने पर बलगम घड़घड़ाता है। ऐसा लगता है कि खाँसने पर बहुत सारा बलगम निकलेगा। लेकिन खाँसने के बावजूद बलगम नहीं निकलता है बच्चा खाँसते-खाँसते पसीने से भीग जाता है। बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होती है। खाँसते-खाँसते उल्टी हो जाती है बच्चा थका थका सा और निंदासा रहता है।

 

दवाई कैसे ले-

ऐंटिम टार्ट की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

8- केक्स कैक्ति (Caccus Cacti.) 30, 200 –

यह दवा उस समय दी जाती है जब अंडे की सफेदी जैसा चिपचिपा और धागे की तरह खींचने वाला लंबा कफ निकलता है। दौरे सवेरे के समय आते हैं और उनके साथ अक्सर साफ, रस्सी की तरह के बलगम की उल्टी होती है चिपचिपे बलगम की उल्टी हो जाने के बाद खाँसी रुक जाती है।

 

दवाई कैसे ले –

केक्स कैक्ति की 30 या 200 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

9- कपरम मेटालिकम (Cuprum Metallicum) 6, 30 –

ऐठन के साथ होने वाली खांसी में या जब-जब दौरा लंबे समय तक रुक-रुक कर हो उस समय यह दवा दी जाती है। खाँसी बहुत भयंकर होती है। खाँसते-खाँसते बच्चा नीला पड़ जाता है, आंखें चढ़ जाती है, दम घुटने लगता है और यहां तक कि बेदम हो जाता है और काफी देर तक बेहोसी में पड़ा रहता है। कुछ देर बाद बच्चा धीरे-धीरे होश में आता है और उल्टी कर देता है और उल्टी हो जाने के बाद ठीक हो जाता है। ठंडा पानी पीने से खांसी में आराम आ जाता है  यह इस दवा का विशिष्ट लक्षण है।

 

दवाई कैसे ले –

कपरम मेटालिकम की 6 या 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

10- अम्बरा ग्रसैया (Ambra Grisea) 6, 30 –

Kali Khansi Ka Ilaj यह काली खांसी की बढ़िया दवाओं में से एक है। कुत्ता भौकने जैसी या खोखली आवाज जैसी खाँसी आती है। खांसी के साथ डकारे आती है और आवाज बैठ जाती है। खाँसते-खाँसते बच्चे की सांसे रुक जाती है सुबह के समय बलगम निकलता है और शाम के समय सूखी खांसी आती है। बलगम सामान्यता भूरा या सफेद होता है।

 

दवाई कैसे ले-

अम्बरा ग्रेसिया की 6 या 30 शक्ति दिन में 3 बार ले।

 

11- चाइना (China) 30 –

सुबह (सोकर उठने के बाद) के समय गला घोटने वाली खांसी, बार-बार जोरदार खाँसीबआती है। खाँसते-खाँसते बच्चे का शरीर अकड़ जाता है। खांसी इतनी जोर से आती है कि आंखों में आंसू आ जाते हैं और छाती दुखने लगती हैम जब खासी का दौरा खत्म हो जाता है तो गले से पेट तक बोतल से पानी निकलने की आवाज सुनाई देती है। बच्चा बार बार नाक रगड़ता है। 

 

दवाई कैसे ले-

चाइना की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

12- मेफिट्स (Mephites) 3x –

ममेफिट्स भी काली खांसी की एक बढ़िया दवा है। यह दिन की अपेक्षा रात में खांसी के दौरे ज्यादा पढ़ते हैं। बहुत तेज ऐठनभरी खाँसी, जो रात में बढ़ती है। बिस्तर पर लेटने की लेटे ही दम घुटने वाली खाती शुरू हो जाती है। खाँसी इतनी जोरदार होती है कि बच्चा सांस नहीं ले पाता है। बच्चे का चेहरा नीला पड़ जाता है। बच्चे को देखकर ऐसा लगता है कि वह अब बचने वाला नहीं है उल्टी हो जाने पर खांसी में आराम आ जाता है।

 

दवाई कैसे ले –

मेफिट्स 3x शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

13- इपेकाकौणहा (Ipecacuanha) 30 –

खांसी दौरों में आती है। खाँसी इतनी जोरदार होती है कि बच्चा साँस नहीं ले पाता है। खाँसते-खाँसते बच्चा नीला हो जाता है। चेहरा पहले लाल और बाद में नीला होने लगता है। खाँसते-खाँसते नाक और मुंह से खून निकलने लगता है। सांस लेते समय गले में घड़घड़ाहट या सॉय-सॉईं की आवाजे आती है। खाँसते-खाँसते उल्टी हो जाती है जिसमें बहुत सारा बलगम निकलता है। उल्टी हो जाने के बाद खासी में कुछ देर के लिए आराम आ जाता है।Kali Khansi Ka Ilaj

 

दवाई कैसे ले-

इपेकाकौणहा की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

14- वेरात्रम एल्बम (Veratram Album) 30 –

छाती में बलगम घड़घड़ाता है, लेकिन बच्चा बलगम को बाहर नहीं निकाल पाता है। खाते समय कुत्ते के भौंकने जैसी आवाज आती है। खाँसते-खाँसते बच्चा ठंडे पसीने से भीग जाता है। नीला पड़ जाता है। उसका पैशाब निकल जाता है। बच्चे को ऐसा लगता है कि खाँसी पेट से उठ रही है इसलिए खाँसते समय बच्चा पेट को हाथ से दबाए रखता है। खाँसी के बाद हवा (गैस) की डकारे आती है।

 

दवाई कैसे ले-

वेरात्रम एल्बम की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

15- कोरसीलियम रुबरुम (Corcillium Rubrum) 30 –

Kali Khansi Ka Ilaj एक खाँसी के दौरे के बाद फौरन दूसरा दौरा पड़ता है। खाँसते समय कुत्ते के भौंकने जैसी आवाजें आती हैं। खाँसी के दौरे पड़ने से पहले दम सा घुटता है बच्चा खाँसते-खाँसते थक जाता है। चेहरा नीला पड़ जाता है। खाँसते-खाँसते उल्टी हो जाती है और उल्टी में डोरी की तरह बलगम निकलता है।

 

दवाई कैसे ले –

कोरसीलियम रुबरुम की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।Kali Khansi Ka Ilaj

 

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