Badhazmi Ka Ilaj Badhazmi Ki Dawa homeopathy : बदहजमी का इलाज होम्योपैथिक

Badhazmi Ka Ilaj दोस्तो आज कल बदहजमी (indigestion) की समस्या हर किसी को है। पाचन तंत्र में खराबी  के कारण बदहजमी (indigestion) की समस्या होने लगती है, लेकिन यही बदहजमी (indigetion) पूरे स्वास्थ्य को बिगाड़ कर रख देती है। आज कल हर दस में दो व्यक्ति को बदहजमी (indigestion) की समस्या से परेशान रहते है।

Badhazmi Ki Dawa खाना खाने के बाद खाना पेट मे सड़ता रहता है इस तरह की ही समस्या को बदहजमी (indigestion) का रोग कहा जाता है। बदहजमी (indigestion) ओर कुछ नही सही तरीके से पाचन न हो पाने की समस्या है। चाहिए तो जान लेते है बदहजमी (indigestion) के लक्षण कारण और होम्योपैथिक दवाइयां कौन सी है जिनकी मदद से हम बदहजमी (indigestion) की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

Badhazmi Ka Ilaj Badhazmi Ki Dawa homeopathy : बदहजमी का इलाज होम्योपैथिक

1- पेट अच्छे से साफ न होंना.

2- दस्त (अतिसार).

3- गैस नना.

4- चिड़चिड़ापन.

5- अच्छे से डकार न आना.

6- पेट और शरीर में भारीपन लगना.

7- चक्कर आना.

8- पेट मे दर्दे होना.

 

बदहजमी (indigestion) के कारण 

1- जरूरत से ज्यादा भोजन खाना.

2- बिना इक्छा के भोजन करना.

3- जला हुआ भोजन करना.

4- अदपका भोजन करना.

5- भारी भोजन करना.

6- रूखा सूखा भोजन करना.

7- बासा भोजन करना.

8- कम पानी पीना.

 

Badhazmi Ka Ilaj बदहजमी (indigestion) की होम्योपैथिक दवाईया –

दोस्तों, बदहजमी से छुटकारा पाने के लिए आप होम्योपैथी दवाओं का चयन उनके लक्षणों के आधार पर कर सकते हैं, चलिए तो जानते है वह दवाईया कोनसी है-

 

1- नक्श वोमिका (Nux-comica) 30 –

a- यह पेट के रोगों की प्रसिद्ध दवा है.

b- इस दवा का सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण लक्षण है खाने के दो-तीन घंटे बाद (फौरन बाद नहीं) तकलीफों का बढ़ना.

c- थोड़ा सा भी खाने पर पेट में हवा भर जाती है और पेट फूल जाता है जी मिचलाता है कभी-कभी खट्टी या पित्त की कड़वी उल्टी भी हो जाती है। कमर, पेट के कपड़े ढीले करने पड़ते हैं। मुंह का स्वाद कड़वा, खट्टा या धातुका सा रहता है। मुंह में कड़वा पानी भर आता है खटिया कड़वी डकारे आती है।

d- बार-बार पाखाना जाने की इक्छा होती है, लेकिन हर बार पखाना हो जाने के बाद रोगी को ऐसा लगता है कि पेट अभी पूरी तरह से साफ नहीं हुआ है। जबान के पिछले हिस्से पर पीला या सफेद लेप रहता है जबान का अगला हिस्सा साफ रहता है।

e- अय्याशी भरी जिंदगी बीतने वाले, बैठे बैठे काम करने वाले चाय, कॉफी, सिगरेट पीने वाले, मसालेदार चीज खाने वाले लोगों की बदहजमी (अंजीण) में विशेष रूप से लाभदायक है।

 

दवा को कैसे ले-

नक्सवॉमिका (nux-vomica) की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

2- पल्सेटिला (Pulsetilla) 30 –

a- यह भी पेट की बीमारियों की एक बहुत ही बढ़िया दवा है।

b- चर्बी वाली चीजें, घी-दूध में बनी चीजें, मक्खन, सूअर का मांस, पेस्ट्री, आइसक्रीम वगैरह खाने से पैदा हुई बदहजमी में यह दवा विशेष रूप से लाभदायक है।

c- बुरा स्वाद (bad taste) विशेषकर सुबह के समय इसका विशेष लक्षण है।

d- खने के एक-दो घंटे बाद रोगी का पेट फूलना लगता है, पेट में दर्द रहता है और मुंह में पानी भर आता है, पसीने से जलन होती है, जी मचलाता है, डकारों में खाए भोजन का स्वाद आता है। उल्टी होती है जिससे आराम मिलता है, उल्टी हो जाने के बाद आराम आना अभी इस दवा का विशेष लक्षण है।

e- पल्सेटिला (pulsetilla) के अफारा की विशेषता यह है कि वह पेट में यहां-वहां घूमता रहता है, सीने के आसपास दर्द होता है, जिसमें डकारे आने और नीचे से हवा निकल जाने से आराम में आता है।

f- पल्सेटिला (pulsetilla) की तकलीफें अक्सर शाम की समय बड़ा करती हैं। जवान पर सफेद लेता है, सभी तकलीफों के साथ जी मिचलाना, कभी-कभी उल्टी होना यह पल्सेटिला (pulsetilla) का एक महत्वपूर्ण लक्षण है।

 

दवा को कैसे ले-

पल्सेटिला (pulsetilla) की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

3- कार्बो-वेज (Carbo-veg) 6,30 – 

a- यह दवा बदहज़मी के लिए सबसे ज्यादा लाभदायक है।

b- बूढ़े लोगों की बदहजमी की यह बहुत ही बढ़िया दवा है।

c-  रोगी की पाचन क्रिया (digestion)बहुत धीमी हो जाती है वह मामूली सा भोजन भी बचा नहीं सकता है।

d- खाने के फौरन बाद या आधा या 1 घंटे बाद पेट की तकलीफ से शुरू हो जाती है। पेट में हवा भर जाती है। हवा पेट के ऊपरी हिस्से में ज्यादा भरी होती है, जिसकी वजह से पेट का ऊपर वाला हिस्सा ज्यादा खुला रहता है।

e- पेट और सीने में बहुत ज्यादा जलन होती है बार-बार खटिया खड़ी हुई डकारे आती है और नीचे से हवा निकलती है।

f- डकारे आने से और नीचे से हवा निकलने से अफारा (flatulance) में आराम मिलता है।

g- पेट में भरी हुई हवा का दबाव ऊपर की तरफ होता है जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है। नाभि के कुछ ऊपर के हिस्से में जोरदार मरोड़ वाला दर्द (cramping pain) होता है, जिसमें आगे की तरफ झुकने पर आराम आता है। भोजन के बाद नींद आती है।

h- इस दवा के रोगी को अक्सर दस्त आया करते हैं। पुरानी बदहजमी और बूढ़े लोगों की बधाई भी में यह ज्यादा लाभदायक है।

 

दवा को कैसे ले-

कार्बो-वेज (carbo-veg) की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

4- चाइना (China) 6,30 – 

a- बहुत ज्यादा चाय पीने शराब पीने से, फल खाने से पैदा हुई बदहजमी में यह दवा लाभदायक है। रोगी की पाचन शक्ति बहुत कमजोर होती है वह जो कुछ खाता है उसकी गैस बन जाती है। गैस की वजह से पूरा पेट फूल जाता है।

b- रोगी को खट्टी कड़वी डकारे आती है और नीचे से बदबूदार हवा भी निकलती है लेकिन डकारे आने या नीचे से हवा निकालने से पेट के फूलने या पेट दर्द में आराम नहीं मिलता है।

d- सीने में जलन होती है।

e- थोड़ा सा भी खाने पर पेट भारी हो जाता है दूध और फल हजम नहीं होते हैं दूध पीने के बाद खट्टी डकार आती है क्योंकि को लगता है कि सीने के बीच की हड्डी के पीछे आनंनलिका में भोजन अटक गया है।

f- खाना खाने के बाद गोले जैसी कोई चीज छाती की तरफ ऊपर चढ़ती सी लगती है।

 

दवा को कैसे ले-

चाइना (china) की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

5- लाइकोपोडियम (Lycopodium) 30 –

a- अफरायुक्त अंजीण की यह प्रमुख दवाओं में से एक है।

b- रोगी को जोरदार भूख लगती है, लेकिन थोड़ा सा खाने से उसका पेट हवा से भर जाता है जिससे वे और ज्यादा नहीं खा सकता है यह इस दवा का बहुत ही महत्वपूर्ण लक्षण है।

c- खाने के फौरन बाद पेट में तकलीफ से होने लगती है पेट फूल जाता है पेट में गैस भर जाती है खट्टी डकारे आती है डकारों से रोगी की तकलीफ में आराम नहीं मिलता है।

d- खाने के बाद विशेषकर रात के खाने के बाद नींद आती है. पेट के निचले हिस्से में गैस ज्यादा जमा होती है. शाम 4:00 से 8:00 के बीच तकलीफ बढ़ना इस दवा का महत्वपूर्ण लक्षण है। मुंह का स्वाद कड़वा रहता है. 

 

दवा को कैसे ले-

लाइकोपोडियम (Lycopodium) की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

6- आर्सेनिक एल्बम (Arsenic Album) 30 –

a- पेट की गड़बड़कयो के लिए यह बहुत ही बढ़िया दवा है। आइसक्रीम बर्फ वाला पानी या शरबत, सिरका फल आदि खाने से पैदा हुई बदहजमी में यह दवा लाभदायक है।

b- खाने के फौरन बाद पेट भारी होना पेट में दर्द होना पेट और अनंनली में जलन होना, जी मिचलाना या उल्टी होना इसके महत्वपूर्ण लक्षण हैं।

c- गर्म पेय (hot drinking) पीने से पेट की जलन में आराम आना इस दवा का विचित्र लेकर महत्वपूर्ण लक्षण हैं। 

d- खाना खाते ही पेट में दर्द होने लगता है पेट भारी लगता है जैसे पेट में कोई पत्थर रखा हुआ हो।

e-जवान लाल सुखी और साफ रहती है।

 

दवा को कैसे ले-

आर्सेनिक-एल्बम (Arsenic-Album) की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

7- अर्जेंटम नाइट्रिकम (Argentum Nitricum) 6,30 –

a- खाने के बाद पेट फूल जाता है रोगी को लगता है, कि उसका पेट फट जाएगा। पेट में हवा भर जाने की वजह से पेट गड़बड़ा जाता है। पेट में ऐठन भरा दर्द(cramping pain) होता है।

b- पेट में एक जगह से दर्द उठकर चारों तरफ फैल जाता है। जोर से दबाने से कम होता है और खाने के बाद पड़ता है। दर्द धीरे धीरे बढ़ता है और धीरे-धीरे ही कम होता है।

c- जारे की आवाज के साथ डकारे आती हैं जिनकी वजह से पेट फूलने में थोड़ा आराम आता है।

d- नीचे से बार-बार हवा निकलती है लेकिन हवा निकलने से आराम नहीं आता है खाना खाने के बाद पेट में ऐसा दबाव होता है जैसे पेट में कोई पत्थर रखा हुआ हो।

 

दवा को कैसे ले-

अर्जेंटम-नाइट्रिकम (Argentum-Nitricum) की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

Homeopathy Treatment For Skin के बारे में जानकारी के लिए यह लेख पढ़ें

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