Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi लैकेसिस होम्योपैथिक मेडिसिन इन हिंदी

Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi यह दवा दक्षिण अफ्रीका के जंगल में पाए जाने वाले ‘सुरूकुकु’ नाम के बहुत ही जहरीले सांप के जहर से बनी है, इसीलिए सांप के स्वभाव-विशेष के लक्षण जिन व्यक्तियों में पाए जाते हैं उनकी किसी भी बीमारी में यह दवा लाभ पहुँचाती है। 

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Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi लैकेसिस होम्योपैथिक मेडिसिन इन हिंदी – Lachesis in homeopathy

Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

लैकेसिस होम्योपैथिक मेडिसिन इन हिंदी

लैकेसिस होम्योपैथिक मेडिसिन इन हिंदी 

  • यह एक बहुत ही उपयोगी दवा है क्योंकि यह एक खतरनाक जहर से बनी है, इसलिए नीची शक्ति (30 से कम) में इसे किसी भी रोगी को नहीं देना चाहिए। इसे बार-बार भी नहीं दिया जाना चाहिए। नीची शक्ति को बार-बार देने से रोगी में ऐसे लक्षण पैदा हो सकते है जो जिन्दगी भर रोगी का पीछा न छोड़ें।
  • डॉ. हेरिंग जिन्होंने अपने ऊपर इस दवा का सिद्धिकरण (Proving) किया था वे उम्र भर गले का कॉलर नहीं लगा सके थे रोगी और इस दवा के लक्षणों के मिलने पर 200 या उससे ऊँची शक्ति की सिर्फ एक खुराक (मात्रा Dose) देकर कुछ दिनों तक इंतजार करना चाहिए, इससे अवश्य लाभ होगा इस दवा के महत्त्वपूर्ण लक्षण इस प्रकार है-

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(1) इस दवा का रोगी ईष्यालु (Jealous), शक्की, सख्त दिल, प्रतिशोधी (दुश्मनी-बदले की भावना रखने वाला Revengeful), गुस्सैल, घमंडी और तानाशाही (Domineering) स्वभाव का होता है। सबके साथ, यहाँ तक कि अपने परिवार के सदस्य, अपने बच्चों से भी क्रूरतापूर्ण (जालिमाना Cruel) बर्ताव करता है।

वह इतना ज्यादा ईर्ष्यालु और शक्की स्वभाव का होता है कि उसकी प्रेमिका या पत्नी अगर किसी पराए मर्द से बात करे तो वह इससे सहन नहीं होता। यही बात स्त्रियों के बारे में भी है।

इतना ज्यादा शक्की स्वभाव का होता है कि सोचता है कि सब उसके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। उसे मारना चाहते हैं। सोचता है कि उसे जहर देकर मार दिया जाएगा, इसीलिए वह उनकी दी गई दवा तक नहीं पीता।

यह रोगी बड़ा बातूनी होता है। अपने बातूनी स्वभाव की वजह से वह किसी से भी दोस्ती कर लेता है। यह अलग बात है कि उसके ईष्ष्याल, शक्की और तानाशाही स्वभाव की वजह से उसकी दोस्ती ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाती।

यह रोगी लगातार बातें किया करता है। बिना रुके एक विषय से दूसरे विषय पर आ जाता है लेकिन इन विषयों का आपस में कोई सम्बन्ध नहीं होता। उसकी बातचीत हमेशा ही एकतरफा होती है। वह इतना ज्यादा और लगातार बोलता रहता है कि दूसरों को बात करने का मौका ही नहीं मिलता। उन्हें बस इसकी सुननी पड़ती हैं।

वह प्रतिशोधी (Revengeful) स्वभाव का होता है। अपने दुश्मन को वह कभी नहीं भूलता है। चाहे जितना समय बीत जाए मौका मिलने पर बदला जरूर लेता है। रोगी बड़ा फुर्तीला और जल्दबाज होता है। हर काम जल्दी-जल्दी करता है। खाना-पीना-चलना सब कुछ बहुत जल्दी में करता है। ऊपर बताए बहुत सारे लक्षण साँप के स्वभाव से मिलते-जुलते हैं। 

(2) रोगी की ज्यादातर बीमारियाँ बाई तरफ की होती हैं या बाई तरफ शुरू होकर तरफ जाती हैं।

(3) नींद आने के बाद या सोकर उठने के बाद रोगी की तकलीफें बढ़तो है, नींद चाहे दिन की हो या रात की। तकलीफ की वजह से रोगी नींद से जाग उठता है। सुबह सोकर उठने के बाद उसकी तकलीफ बढ़ी हुई होती हैं।

(4) रोगी कोई भी गर्म चीज सहन नहीं कर सकता। धूप में जाने से उसे सिर दर्द हो जाता है। गर्म चाय-कॉफी-दूध वगैरह नहीं पी सकता।

(5) रोगी कसा हुआ कपड़ा, विशेषकर गर्दन और कमर पर पहन नहीं सकता। वह गले में ‘टॉय’ नहीं बांध सकता, गले का बटन नहीं लगा सकता, गले पर मफलर नहीं लपेट सकता।

(6) महिलाओं को रजोनिवृत्ति (Menopausal Period) के समय बहुत सारी तकलीफे होती हैं।

(7) स्त्राव (Discharge) जारी होने से तकलीफ में आराम आता है; जैसे कि नाक सर्दी बहने से सिर दर्द कम हो जाता है, मासिक धर्म शुरू हो जाने महिलाओं की सभी तकलीफों में, विशेषकर गर्भाशय और डिंबाशय (Ovaries) के दर्द में आराम आ जाता है। 

(8) ज्यादा रक्तस्राव (Bleeding), खून और त्वचा का रंग बैंगनी या नीला होना इसका एक महत्त्वपूर्ण लक्षण है। नाक, गर्भाशय या किसी और जगह से बहुत ज्यादा खून निकलता है। मासिक धर्म में बहुत ज्यादा खून जाता है और बहुत देर तक जाता रहता है। नकसीर फूटने पर भी ज्यादा खून जाता है। खून का रंग बैंगनी या नीला होता है। शरीर में कहीं भी फोड़े-फुन्सी हों, सूजन हो-उसका रंग भी बैंगनी या नीला होता है। चोट लगी जगह भी नीले रंग की हो जाती है।

(9) रोगी ऊष्ण प्रकृति का होता है। गर्मी से, गर्म कमरे में, गर्म पानी से नहाने से उसकी तकलीफें बढ़ जाया करती हैं। रोगी हर वक्त पंखे की हवा चाहता है लेकिन पंखा दूर रखकर धीरे धीरे चलाने को कहता है।

 

सिर दर्द (Headache)

  • मासिक धर्म बंद (Menopause) हो जाने के बाद या मासिक धर्म अनियमित (Iregula) होने, धूप में जाने से होने वाले सिर दर्द, शराबियों और बवासीर के रोगियों के सिर दर्द में यह लाभदायक है।
  • सिर दर्द फटने की तरह होता है। कनपटियों में दबाने जैसा या फटने जैसा दर्द होता है। दर्द इतना जोरदार होता है जिससे रोगी को लगता है कि उसका सिर फट जाएगा।
  • हथौड़ियों से ठोके जाने जैसा दर्द होता है। हर रोज सुबह उठने के बाद दाहिनी आँख पर तपकन वाला (Throbbing) दर्द होता है, जो कंधों तक पहुँच जाता है। दर्द चोटी से शुरू होता है और पूरे सिर में फैल जाता है।
  • सिर दर्द के साथ चेहरा पीला पड़ जाता है, ऊंचाई आती है और जो मितलाता है। दर्द हरकत (Motion) से, नींद के बाद बढ़ता है। दोपहर के वक्त दर्द काम हो जाता है या पूरी तरह रुक जाता है।
  • रोगी जब भी धूप में जाता है उसे सिर दर्द होने लगता है। सदी-जुकाम हो जाने पर छींको के साथ सिर दर्द हो और नाक तक उतर आए तो यह दवा लाभ पहुँचाती है।

 

पागलपन (Insanity) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • कोई गहरा मानसिक आधात (Mental shock) जैसे-प्रेम में निराशा, प्रिय व्यक्ति को कारोबार में नुकसान, अपमान रहने, डर जाने कामेच्छा (Sexual desire) पूरी न होने से, गुस्से को मब में दवाए रखने से, मासिक धर्म रुक जाने या बंद हो जाने (Menopause) के बाद पागलपन के दौरे पड़ने पर यह दवा उपयोगी है।
  • जिस रोगी को इस दवा से लाभ होता है वह ईष्ष्यालु, शक्की और बातूनी होता है। सोचता है सब उसके खिलाफ साजिश कर रहे हैं, उसे मारना चाहते हैं, उसका पीछ कर रहे है, उसे जहर देने वाले हैं, डॉक्टर भी उसके दुश्मनों से मिला हुआ है।
  • वह लगातार बड़बड़ाता रहता है। बिना रुके एक विषय से दूसरे विषय पर आ जाता है लेकिन एक विषय का दूसरे विषय से कोई सम्बन्ध नहीं होता।
  • एक अजीब किस्म का पागलपन भी इस दवा से ठीक होता है, जिसमें रोगी सोचता है कि उसने ऐसा अपराध किया है जिसकी माफी नहीं मिल सकती। उस अपराध के लिए उसे नर्क जाना पड़ेगा।
  • कभी-कभी वह सोचता है कि वह किसी दैवी आत्मा के कब्जे में है। उस आत्मा के हुक्म के कारण वह उन अपराधों को कबूल करता है जो उसने कभी किए ही नहीं।
  • चाहे दिन हो या रात उसे लगता है कि दोपहर है। सोचता है कि वह हवा से ज्यादा हल्का हो गया है और हवा में उड़ रहा है। उसके र के टुकड़े किये जा रहे हैं; वह मर चुका है और लोग उसे ले जाने की तैयारी कर रहे कहता है कि उसकी माँ मर गई है; उसने चोरी की है; कोई उसके पीछे खड़ा है। वह कोई और व्यक्ति है।
  • जंगल खूबसूरत नजारे दिखाई देते हैं। उसे दीवारों पर मक्खियों के चलने की আबाजे सुनाई देती है संगीत सुनाई देता है। बहुत दूर रखी घड़ी की टिकटिक सुनाई देती है। रोगी पुरुष हो या स्त्री उसकी कामेच्छा (Sexual desire) बढ़ी हुई होती है मासिक धर्म के पहले स्त्रियों की कामेच्छा बेहद बढ़ जाती है। 

 

गले का दर्द (Throat Pain) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • गले की तकलीफों में इस दवा का विशेष लक्षण यह है कि रोगी ठोस (Solid) चीज आसानी से निगल सकता है लेकिन तरल (Iiquid) चीज यहाँ तक की राल भी निगलने में उसे गले में दर्द होता है।
  • गले के अंदर का हिस्सा नीलापन लिये लाल होता है। रोगी कोई गर्म चीज नहीं पी सकता। गर्म चीज पीने से गले की तकलीफ बढ़ती है खाली निग्लो । (Empty swallowing) में गले में दर्द होता है रोगी को लगता है कि उसके गले में कु अटका हुआ है जो निगलते समय नीचे की तरफ जाता हुआ महसूस होता है, लेकि लौट आता है।

 

टॉन्सिलों का बढ़ना (Enlarged Tonsils) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

पहले बायाँ टॉन्सिल सूजन है फिर दायाँ। गर्म चीज पीने से दर्द बढ़ता है। टन बैंगनी, नीले रंग के दिखाई देते हैं। ठोस चीज निगलते वक्त रोगी को दर्द नहीं होता कोई भी पतली चीज पीने से दर्द बढ़ता है। खाली निगलने (Empty swallowing) में भी दर्द होता है। रोगी गले पर जरा-सा भी दबाव सहन नहीं कर सकता। 

 

डिप्थीरिया (Diphtheria) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

इस बीमारी की शुरुआत पहले बाई तरफ होती है और बाद में वह दाईं तरफ। गला से बैंगनी लाल रंग का हो जाता है। रोगी ठोस चीज तो आसानी से निगल लेता है लैि पतली चीज नहीं पी सकता। खाली निगलने में, थूक निगलने में दर्द होता है। नींद के र उसकी तकलीफ बढ़ जाती है।

 

खाँसी (Tussis) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

गले में सुरसुरी होकर सूखी खाँसी आती है। बलगम आसानी से नहीं निकलता, गले कें अंदर चिपका रहता है। गले में दर्द रहता है। सोते वक्त या सोने के बाद खाँसी ज्यादा आती है।

 

दमा (Asthma) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • दमा का दौरा नींद में पड़ता है और रोगी जाग जाता है। बार-बार गहरी साँस लेता है। रोगी को गले और सीने पर किसी तरह का दबाव सहन नहीं होता।
  • रोगी पंखे की हवा चाहड है लेकिन पंखा धीरे-धीरे चलाने को कहता है। लगातार खाँसता रहता है और आखिर में बना सारा पतला बलगम निकलता है, जिससे रोगी को आराम मिलता है।

 

दिल का धड़कना (Palpitation) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

रोगी को सीने और दिल पर दबाव महसूस होता है। उसे लगता है कि उसकी साँस छ जायेगी। उसका दिल जोरों से धड़कता है। उसे ऐसा लगता है कि उसका दिल बढ़ रही ই जिसकी वजह से उसकी साँस रुक जायेगी। नींद आने या नींद खुल जाने पर सभी लक्षण में जाते हैं।

 

बवासीर (Piles) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • मस्सों में जोरदार दर्द होता है। खाँसते या छींकते वक्त मस्से बाहर निकल आते हैं। ऐोरी को लगता है कि उसका मलद्वार बंद है या वहाँ कोई चीज अटकी हुई है।
  • खांसते या को वक्त मस्सों में काँटा सा चुभता है। बड़ी बेचैनी रहती है। पाखाने की हाजत नहीं होती। सहा कब्ज रहती है। पाखाना काला मानो जला हुआ पुआल हो।

 

उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • बढ़े हुए रक्तचाप की यह एक लाभदायक दवा है, विशेषकर शराबियों के।

 

यकृत (जिगर) की बीमारियाँ (Liver Diseases) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • शराबियों के जिगर बढ़ जाने पर यह दवा विशेष रूप से लाभदायक पाई गई रोगी जिगर के स्थान को छूने नहीं देता, छूने से दर्द होता है। जिगर की खराबी की वजह से पीलिया हो जाता है।
  • जिगर के फोड़े में भी यह लाभदायक दाहिनी तरफ जोरदार दर्द होता है। रोगी को कमर पर किसी तरह का कसाव सहन नहीं होता। यूँ तो दर्द हर वक्त रहता है लेकिन नींद आने के बाद ज्यादा हो जाता है।

मासिक धर्म रुक जाना (Amenorrhoea) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • शक्की, घमंडी, बातूनी, बदले की भावना रखने वाली, बिना वजह दूसरों से वाली, जिनकी बाई तरफ की होती हैं या तरफ शुरू होकर तरफ हैं, जिनकी नींद आने के बाद नींद से जागने के बाद बढ़ती हैं.
  • जिन्हें गर्मी भी सहन नहीं होती, जो शरीर से के निकलने के बाद बेहतर महसूस करती देसी महिलाओं का मासिक धर्म रुक जाने पर Lachesis लाभदायक है।

 

मासिक धर्म कम होना (Metrorrhagia) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • मासिक धर्म रुक जाने में महिलाओं के जो विशेष लक्षण लिखे हैं-ऐसे लक्षणों वाली महिलाओं को मासिक धर्म कम होता है और बहुत कम समय तक रहता है।
  • मासिक धर्म के सिर और पेट में दर्द होता है और मासिक धर्म के शुरू होते ही रुक जाता है। मासिक धर्म शुरू होते ही सभी तकलीफों में आराम आना Lachesis का बहुत ही महत्त्वपूर्ण लक्षण है।

 

डिम्ब कोष की सूजन और दर्द (Inflammation and Pain of Ovaries) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • बाई में सूजन होती या पहले बाई में शुरू होकर बाद दाई हो जाती है। में फाड़ने वाला दर्द होता है। योनि से खून निकलने पर दर्द में आराम आता है।

 

गर्भाशय की सूजन (Metritis) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • गर्भाशय में सूजन जाने पर गर्भाशय में अकड़न होती है। रोगिणी को कमर पर कपड़े सहन नहीं होता। मासिक धर्म बंद होने के दिनों में गर्भाशय की सूजन और दर्द में दवा लाभ पहुँचाती है।

 

रजोनिवृत्ति की समस्या (Menopausal Syndrome) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • महिलाओं को 44-45 की उम्र हो जाने पर मासिक धर्म बंद हो जाया करता है। इस उन्हें ज्यादा दर्द हो, शरीर से गर्मी की लहरें तो Lachesis होता है। खून काला, गाढ़ा थक्केदार बदबूदार होता है। रोगिणी का सिर गर्म हैं।
  • दिल धड़कन और दिल दबाव महसूस होता है। इनका दम है। कुछ महिलाओं को पागलपन दौरे भी पड़ते हैं।

 

मूर्छा वायु, हिस्टीरिया (Hysteria) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • गुम, प्रेम में असफलता, कामेच्छा (Sexual desire) का पूरा न होना, डर, मासिक धी रुक जाने या मासिक धर्म बंद हो जाने के बाद ‘हिस्टीरिया’ के दौरे पड़ते हों तो इस दवार लाभ होता है।
  • इस दवा की रोगिणी ईर्ष्यालु, शक्की, घमंडी, बातूनी होती है। उसकी सभी तकलीफ मासिक धर्म के पहले और मासिक धर्म के बाद बढ़ती हैं और मासिक धर्म शुरू होने ह होती हैं। हिस्टीरिया के दौरे के वक्त उसे ऐसा लगता है कि उसके गले से एक गोला उठ रहा है। चूडी लेने के बाद वह उतर जाता है लेकिन फिर से ऊपर चढ़ने लगता है। वह चिल्लाकर बेहोश हो जाती है। बेहोशी में पेशाब हो जाता है।

 

कार्बकल (Carbuncle) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • कार्बकल में Lachesis उस समय उपयोगी है जब काबुल में सड़न पैदा होने की संभावना रहती है या सड़न शुरू हो जाती है। कार्बकल में तेज दर्द और जलन होती है।
  • फोर का रंग नीला-बैंगनी होता है। जलन ठंडे पानी से कम होती है।फोड़े के चारों ओ छोटी-छोटी फुन्सियाँ हो जाना इसका एक महत्त्वपूर्ण लक्षण है।

 

गैंग्रीन (Gangrene) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • जब गैंग्रीन में सड़न शुरू हो जाती है उस वक्त यह दवा लाभदायक पाई गई है। फो का रंग बैंगनी या नीला-सा होता है। नीले रंग की पीप निकलती है।

 

टाइफाइड (Typhoid) Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

  • इस दवा को टाइफाइड की शुरुआत में नहीं दिया जाता। टाइफाइड की दूसरी अवस्था (Second stage) में इसे दिया जाता है। रोगी बेहोशी की हालत में रहता है, बड़बड़ाता रहता है आँतों से गहरे रंग का व निकलता है।
  • रोगी बेहोशी की हालत में बड़बड़ाता रहता है लेकिन यह बड़बड़ाना आवाज में रहता है। रोगी मुँह खोलकर सोता है। चेहरा फूला रहता है। जुबान सूखा, ए काली रहती है। जुबान बाहर निकालने पर काँपती है।
  • नीचे का जबड़ा लटक जाता है फूला रहता है, पेट में गड़गड़ाहट होती है। बदबूदार दस्त आते हैं, पेशाब लाल होता है। र के किसी भी द्वारा (नाक, कान, मलद्वार वगैरह) से खून निकल सकता है। खून का रंग होता है।

 

  • वृद्धि (Aggravation)-सोने के बाद, धूप में जाने से, गर्मी से, गर्मी के मौसम। खट्टी चीजें खाने-पीने से, शराब पीने से, सिंकोना या पारा सेवन करने से, बस हमें। छूने से रोग-लक्षण बढ़ते हैं।
  • हास (Amelioration)-स्व जारी होने से, साफ हवा में रोग लक्षण बटते हैं।
  • शक्ति-30 से 200 तक। एक खुराक देकर इंतजार करना चाहिए। बार-र दोहराना नहीं चाहिए।

 

Note : Lachesis Homeopathy Medicine In Hindi

 

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