gangrene in hindi – गैंग्रीन की होम्योपैथिक दवाए –

gangrene in hindi शरीर के किसी अंग में खून न पहुंचने से वहां के ऊत्तको (tissue)  के मर जाने, सड़ने लगने को “गैंग्रीन” कहा जाता है यहां बड़ी तकलीफ देह बीमारी है.

Gangrene in hindi – गैंग्रीन की होम्योपैथिक दवाए –

 

दोस्तो गैंग्रीन एक ऐसी बीमारी है जो बड़ी ही खतरनाक बीमारी है। अगर एक बार किसी को हो जाए तो आसानी से ठीक भी नही होती है। दोस्तो गैंग्रीन का मतलब है शरीर के किसी अंग का सड़ जाना। इस बीमारी में नई कोशिकाएं विकशित नही होती है और पुरानी कोशिकाए भी मर जाती है। किसी चीज से चोट लगने के कारण जब घाव हो जाता है और वह जल्दी से ठीक नही हो पाता है। तो वह पुराना होकर सड़ने लगता है। इसे ही “गैंग्रीन” की बीमारी कहा जाता है। गैंग्रीन जंहा भी हो उस जगह को भी काटना पड़ सकता है। इसका ज्यादा असर हाथों और पैरों में देखने को मिलता है। यह एक तरह का इन्फेक्शन ही होता है। जिसे समय रहकर अगर रोका ना जाएं, तो यह पूरे शरीर मे फैल जाता है। जिसके कारण व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।

Gangrene treatment without surgery – Gangrene treatment in homeopathy in hindi

gangrene in hindi

गैंग्रीन के लक्षण – Symptoms of gangrene / gangrene in hindi

1- गैंग्रीन जिस जगह हुआ है वह जगह की पपड़ी निकलने लगती है।

2- गैंग्रीन की त्वचा चमकीली की तरह दिखने लगती है।

3- गैंग्रीन की त्वचा शरीर की अन्य त्वचा से अलग दिखती है।

4- गैंग्रीन के शुरुवाती दिनों में गैंग्रीन वाली जगह पर दर्द होना।

5- गैंग्रीन पुराना हो जाने के बाद वह जगह महशूस नही कर पाना।

 

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गैंग्रीन के कारण – Couse of gangrene / gangrene in hindi

1- मधुमेह के कारण।

2- हर्निया के कारण।

3- खून के जमने के कारण।

4- किसी ऑपेरशन के कारण।

5- गंबीर जलने के कारण।

6- किसी जानवर के काटने के कारण।

7- एड्स/एच्आइवी के कारण।

 

गैंग्रीन की होम्योपैथिक दवाइयां – Homeopathy treatment for gangrene / gangrene in hindi

 दोस्तों नीचे दिए गए होम्योपैथिक दवाइयों के लक्षणों के आधार पर आप होम्योपैथिक दवाइयों का चयन कर सकते हैं –

 

1- आर्सेनिक एल्बम (Arsenic Album) 30 – gangrene in hindi

a- बूढ़े लोगों के सूखे गैंग्रीन में विशेष रूप से लाभदायक है। गैंग्रीन में बेहद जलन होती है। गैंग्रीन सूखा हो या गीला उसमें जलते हुए कोयले जैसी जलन होती है कर्म सेक से जलन में आराम मिलता है।

b- फेफड़ों, जवान के गैंग्रीन में इसे दिया जाता है। बेहद कमजोरी महसूस होती है और बदबूदार पतले दस्त होते हैं।

 

दवाई कैसे ले-

“आर्सेनिकम एल्बम” की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

2- ऐंथ्रासिनम (Anthracinum) 1M – gangrene in hindi

a- जख्म बेहद बदबूदार होता है।

b- जलन में जब आर्सेनिकम से आराम ना मिले तो उस समय इसे दिया जाता है, क्योकि इस दवा के बहुत सारे लक्षण आर्सेनिक जैसे ही, बल्कि उससे भी ज्यादा तकलीफ देय होते हैं।

 

दवाई कैसे ले-

“ऐंथ्रासिनम” की 1M शक्ति हफ्ते में एक बार ले।

 

3- सिकल कॉरनुटम (Secale Cornutum) 6, 30 – gangrene in hindi

a- बूढ़े लोगों के सूखे गैंग्रीन में यह दवा लाभदायक है।

b- पैर के अंगूठे और पैर का सूखा गैंग्रीन जिसमें झुनझुनाहट और सुरसुरी होती है। त्वचा झुर्रिदार और सिकुड़ी हुई और ठंडी होती है। उसमें कोई चेतना नहीं होती है। बड़े काले दाग और खूनी फफोले जो गैंग्रीन वाले हो जाते हैं। उनमें यह दवा लाभदायक है।

c- ठंडक से आराम मिलता है।

 

दवाई कैसे ले-

“सिकल कॉरनुटम” की 6 या 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

 

4- कार्बो वेज (Carbo Veg) 200 – gangrene in hindi

a- बूढ़े लोगों के गैंग्रीन में विशेष रूप से लाभदायक है।

b- फोड़े और कार्बंकल जो गैंग्रीन वाले हो जाते हैं। उस समय लाभदायक है। जब गैंग्रीन सड़ने लगता है।

c- रोगग्रस्त अंग बैगनी-रंग का और बर्फ जैसा ठंडा रहता है। जख्म में जलन होती है और बदबूदार पीप से निकलती है।

 

दवाई कैसे ले –

“कार्बो वेज” की 200 शक्ति दिन में दो बार ले।

 

5- लैकेसिस (Lachesis) 200 – gangrene in hindi

a- जख्मों का रंग नीला-सा या काला सा रहता है।

b- जख्म के आसपास रहता का हिस्सा भी नीला या  बैगनी रंग का रहता है।

c- जख्म से काले रंग की खूनमिली पीप निकलती है। हाथ पैर ठंडे रहते हैं और रोगी को ठंड लगती है। चोट लग जाने से गैंग्रीन होने में लाभदायक है।

 

दवाई कैसे ले- 

“लैकेसिस” की 200 शक्ति दिन में दो बार ले।

 

6- सिलिसिया (Silicea) 1M – Gangrene treatment without surgery – Gangrene treatment in homeopathy in hindi

a- जख्म से पतली, खुनमिली, बदबूदार पीप निकलती रहे और जख्म ठीक नही होने पर यह दवा ले।

 

दवाई कैसे ले-

“सिलिसिया” की 1M शक्ति 8-10 दिन में एक बार ले।

 

7- क्रोटाल्लस होररीदस (Crotallus Horridus) 30 – Gangrene treatment without surgery – Gangrene treatment in homeopathy in hindi

a- गर्म, नीला ओर नम (moist) गैंगरीन होता है।

b- जख्म से बदबू आती है और काले रंग की पीप निकलती है।

 

दवाई कब ले-

“क्रोटाल्लस होररीदस” की 30 शक्ति दिन में तीन बार ले।

Note : gangrene in hindi

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